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भारत-पाक के बीच बान की मून ने मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी विवाद सुलझाने में उनकी मदद करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने दोनों परमाणु हथियार सम्पन्न पड़ोसी देशों से क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने दोनों परमाणु हथियार सम्पन्न पड़ोसी देशों से क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। बान के प्रवक्ता ने कल यहां एक बयान जारी किया, महासचिव ने हालिया घटनाओं, विशेष तौर पर 18 सितंबर को उरी में भारतीय सैन्य अड्डे पर हमले के बाद नियंत्रण सीमा रेखा पर युद्ध विराम के उल्लंघन की खबरों के मद्देनजर दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को लेकर बहुत चिंतित हैं।

बयान में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने दोनों देशों से अधिकतम संयम बरतने और तनाव कम करने के लिए तुरंत कदम उठाने का आग्रह किया है। बान ने भारत और पाकिस्तान की सरकारों से कश्मीर समेत आपसी मसलों को कूटनीति एवं वार्ता के जरिये शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपील की है। उन्होंने दोनों देशों कहा कि यदि दोनों पक्ष स्वीकार करते हैं तो वह मध्यस्थता के लिए उपलब्ध हैं।उल्लेखनीय है कि भारत ने 29 और 29 सितंबर की दरम्यानी रात नियंत्रण रेखा के पार जाकर आतंकी ठिकानों पर लक्षित हमला किए थे। भारतीय सेना का यह हमला कश्मीर के उरी स्थित सैन्य अड्डे पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हमले के बाद किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हमलावर सजा से बच नहीं पाएंगे और जवानों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा।संयुक्त राष्ट्र भारत और पाकिस्तान के बीच विवादास्पद क्षेत्र में लंबे समय से अपनी संस्थागत उपस्थिति बनाये हुये है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के 1971 के प्रस्ताव 307 के जनादेश के अनुसार भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र का सैन्य पर्यवेक्षक समूह दोनों देशों के बीच कामकाजी रेखा एवं नियंत्रण रेखा पर और उसके पार संघर्षविराम उल्लंघनों पर नजर रखता है और इसकी सूचना देता है।




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