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सांसद आदर्श ग्राम योजना के प्रचार-प्रसार के विज्ञापनों पर करोड़ों पर खर्च जमीनी स्तर पर काम कुछ भी नहीं

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने गांवों के निर्माण और विकास हेतु सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत जयप्रकाश नारायण के जन्म दिन 11 अक्टूबर 2014 को शुरू किया गया था । जिसका मुख्य लक्ष्य आर्थिक एवं सुविधा की दृष्टि से पिछड़े हुए ग्रामीण इलाकों में विकास करना था। Election 2019

जब सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अनुसार सूचना मांगी गई तो पता चला कि प्रचारित प्रसारित करने में विज्ञापनों पर करोड़ों रुपए खर्च तो हुए लेकिन धरातल पर काम कुछ भी नहीं हुआ ! आरटीआई रिपोर्ट के माध्यम से सूचना आती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी से 4 गांवों को गोद लिया था, जिनमें जयापुर, नागेपुर, कंकरिया और डोमरी थे ! आरटीआई रिपोर्ट में यह भी साफ-साफ बताया गया कि प्रधानमंत्री जी ने सांसद निधि से ग्रामीण क्षेत्रों पर एक भी रुपया खर्च नहीं किया योजनाएं सिर्फ कागजों पर हैं जिनका जमीनी धरातल पर कोई सरोकार नहीं है ! डॉ अनिल कुमार ने बताया कि जिस समय की योजना शुरू की गई थी ! प्रधानमंत्री जी ने सभी सांसदों को यह निर्देश दिया था कि सभी सांसद अपने लोकसभा क्षेत्र से एक एक गांव को गोद लेकर उसका विकास करेंगे ! लेकिन जब आरटीआई रिपोर्ट के माध्यम से की योजना के प्रति वफादारी से काम नहीं करने से पता चलता है कि आखिर सांसदों ने इस योजना को पूरा करने में कितनी गंभीरता से पालन किया होगा! विपक्ष ने भी लागू की गई योजनाओं को गंभीरता से लागू नहीं करने पर कई सवाल खड़े किए हैं !
डॉ अनिल कुमार
असिस्टेंट प्रोफेसर दिल्ली विश्वविद्यालय




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